छुईमुईरूपी प्रेम बंधन

प्रेम की डोरी से बँधा रिश्ता छुईमुई के पौधे के समान है जिसे छूने भर से वह मुरझा जाता है परन्तु कुछ समय बाद पुनः खिल उठता है। ठीक वैसे ही क्षण भर की नोंक-झोंक के स्पर्श मात्र से मन मुरझा जाता है और हजारों नकारात्मक विचार हृदयों के बीच एक बर्फ का पहाड़ खड़ापढ़ना जारी रखें “छुईमुईरूपी प्रेम बंधन”

रात तेरी यादों संग। 

रात तेरी यादों संग कट जाती है, दिन मेरा संग तन्हायी के गुजर जाता है।  जब संभाले नहीं संभलता ये सफर,  तब तू आकर कहीं से आहट दे जाता है।  खिल जाती है तबस्सुम लबों पर,  मसर्रत से जब तेरा लम्स याद आ जाता है।  बिखरी साँसे महकने लगती है,  बंजर जमीं पर चाहत कीपढ़ना जारी रखें “रात तेरी यादों संग। “

चाँद का एक टुकड़ा। 

चाँद का एक टुकड़ा  या कहूँ मैं पूरा चाँद  या कहूँ सिर्फ़ उसकी छोटी झलक  अक्सर मेरे आँगन से दिखता है  वो चाँद नहीं दूर बैठा महबूब लगता है  फिर खिङकी से देखती हूँ  सितारों का मेला लगा होता है  आपस में फुसफुसाते नजर आते हैं  लगता है मेरे किसी खास किस्से पर  वाद-विवाद प्रतियोगितापढ़ना जारी रखें “चाँद का एक टुकड़ा। “